हाल ही में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने लेजी ट्रेस ने अपने वायदे पूरा करने में असमर्थता जताते हुए , अपने पद से त्याग पत्र दे दिया । वे 45 दिन तक प्रधानमंत्री पद पर बनी रही । उनके त्यागपत्र के बाद दावेदारों में भारतीय मूल के ऋषि सुनक आगे थे , अब खबर यह आ रही है कि ऋषि सुनक ही ब्रिटेन के अगले प्रधान मंत्री होंगे ।
ऋषि सुनक भारतीय मूल एशियाई समुदाय के पहले प्रधानमंत्री होगें । उनका परिवार भारत विभाजन से पहले अफ्रीका फिर ब्रिटेन में जाकर बस गए । उनके पिता जी एक डॉक्टर व् माताजी एक केमिस्ट का दुकान चलाती है । ऋषि सुनक ने इनफ़ोसिस भारतीय सॉफ्टवेर कंपनी के संस्थापक नारायण मूर्ति की पुत्री से 2009 में विवाह किया । वर्तमान में ऋषि सुनक ब्रिटेन के 250 अमीरों में शामिल है ।
ऋषि सुनक ने 2015 में अपने राजनितिक करियर की शुरुआत की । वे पहली बार सांसद बने एवं वित्त मंत्री का पद सँभाला। वैसे ब्रिटेन में कई अश्वेत राजीनीति में आये और अपना नाम कमाया किन्तु ऋषि सुनक ही ऐसे शख्स है जो प्रधानमंत्री पद तक पहुच सके ।
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यदि हम निजी क्षेत्र में रोजगार की बात करें तो सिनेमा एक ऐसा क्षेत्र है जो सर्वाधिक लोगों को रोजगार देता है। एक फिल्म बनाने में निर्माता, निर्देशक, स्क्रिप्ट राइटर , गायक , कैमरामैन , स्पॉट बॉय , कॉस्ट्यूम डिज़ाइनर एवं अन्य सहयोगी लोगों की जरुरत होती है । एक फिल्म में लगभग 50-60 लोगों के एक साथ रोजगार मिलता है।
हाल ही में झंकार आर्ट्स ग्रुप के द्वारा न केवल जशपुर बल्कि विश्व का पहला कुँड़ुख़ बोली में फिल्म "जहर जिंदगी गहि" बनाया गया है । यह एक फीचर फिल्म है जिसे 15-20 लाख के बजट में बनाया गया है । फिल्म के ज्यादार एक्टर/एक्ट्रेस स्थानीय है ।
हालाँकि यह फिल्म कुँड़ुख़ बोली में बनाई है जिसका प्रमुख उद्देश्य स्थानीय कलाकार, भाषा व् बोली को विश्व स्तर में पहचान देना है और यह फिल्म अपने उद्देश्यों को पूरा करने में सफल भी रही है । यह फिल्म न केवल राज्य , देश बल्कि अन्तर्राष्टीय स्तर पर भी खूब सराहा जा रहा है ।
जशपुर जिले में सिनेमा के क्या स्कोप है , कौन कौन समस्याएं है इस पर हमने "जहर जिंदगी गहि" के डायरेक्टर/स्क्रिप्ट राइटरश्री एनुस कुजूर से बातचीत की -
सवाल : फ़िल्में बनाने से लेकर अब तक प्रमुख समस्या क्या रही ??
जवाब : प्रमुख समस्या फिल्म को स्थानीय सिनेमा हाल में प्रदर्शित करना में कठिनाई होना बताया क्योंकि सिनेमा हाल ज्यादा मुनाफा देने वाले फिल्मों के लिए बुक होता है साथ ही साथ उन्होंने उन सिनेमा घरों को धन्यवाद दिया जहाँ पर फिल्म प्रदर्शित करने में सहयोग किया।
सवाल : फिल्म के सभी कलाकार ,स्थानीय थे ?
जवाब : मुख्य अभिनेता/अभिनेत्री को छोड़कर सभी स्थानीय थे।
सवाल : फिल्म के दृश्य कहाँ कहाँ फ़िल्माया गया है ??
जवाब : ज्यादार दृश्य जशपुर जिले के पत्थल गांव , कुनकुरी के मयाली एवं अंबिकापुर में फिल्माया गया है ।
सवाल : क्या जहर जिंदगी गहि को सादरी में डब किया जायेगा ??
जवाब : फ़िलहाल कोई इरादा नहीं है , बाद में सोचा जा सकता है।
सवाल : आने वाली कुँड़ुख़ फिल्म ?
जवाब : आने वाली कुँड़ुख़ फिल्म - शांति नगर
जशपुर जिले में प्रतिभाओं की कमी नहीं है , यदि स्थानीय स्तर पर फ़िल्में बनती है तो , रोजगार के अवसर खुलेंगे, पर्यटक स्थलों को पहचान मिलेगी । फ़िल्में किसी क्षेत्र की भाषा बोली व् संस्कृति को बनाये रखने में अहम् भूमिका अदा करते है , अतः हम सभी का दायित्व है कि ऐसी फिल्मों को प्रोत्साहित करें ।
आज ही पत्थल गांव के सिनेमा घर में यह फिल्म देख सकते है ।
हाल ही में किसी विभिन्न देशों में कितनी भुखमरी है , इससे संबंधित एक रिपोर्ट जारी किया गया है .यह रिपोर्ट अमेरिका की संस्था International Food Policy Research Institute एवं जर्मन की welthungerlife के द्वारा सयुंक्त रूप से जारी किया जाता है .
२०२२ के जारी रिपोर्ट में कुल 121 देशों में भारत 107 वें स्थान पर है ,पिछले साल भारत 101 वें स्थान पर था . इसका मतलब यह है की भारत में गरीबी एवं भुखमरी बढ़ रही है .इस वर्ष के रिपोर्ट के अनुसार भारत अपने पडोसी देशों से भी इस रैंकिंग में पिछड़ गया है . भारत का वैश्विक भुखमरी सूचकांक स्कोर 29.1 है जो की बेहद गंभीर श्रेणी के अंतर्गत आता है .
क्या है वैश्विक भुखमरी सूचकांक ??
वैश्विक भुखमरी सूचकांक वैश्विक स्तर पर भुखमरी को व्यापक रूप से मापने एवं उस पर नजर रखने का एक जरिया है .जो प्रतिवर्ष अक्टूबर के महीने में जारी किया जाता है.
जीएचआई का स्कोर ख़ासकर के चार संकेतकों के मूल्यों पर मापा जाता है जिनमें कुपोषण, शिशुओं में भयंकर कुपोषण, बच्चों के विकास में रुकावट और बाल मृत्यु दर है.
यह एक अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार है .जो किसी भी देश के नागरिक को चिकित्सा , भौतिकी ,रसायन , अर्थशास्त्र ,साहित्य एवं शांति के क्षेत्र में अमूल्य योगदान के लिए प्रत्येक साल दिया जाता है .
इसकी स्थपना अल्ब्रेड नोबेल ने 1900 ई में की थी .उन्होंने डायनामाइट विस्फोटक पदार्थ की खोज एवं .इसके अलावा 300 से अधिक चीजों का खोज करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया था .प्रारंभ में केवल कुल 05 क्षेत्र - चिकित्सा , भौतिकी ,रसायन , साहित्य एवं शांति के क्षेत्र में योगदान के लिए दिया जाता था किन्तु 1968 ई से अर्थशास्त्र को भी शामिल किया गया . अब कुल मिलाकर 06 क्षेत्रों में अमूल्य योगदान के लिए दिया जाता है .
वर्ष 2022 में नोबल पुरस्कार प्राप्त करने वाले व्यक्तियों की घोषणा हो चुकी है इन्हें 10 दिसम्बर 2022 को सम्मानित किया जायेगा .कुल 06 विभिन्न क्षेत्र में पाने वालों का नाम निम्नलिखित है -
क्षेत्र
विजेता
योगदान
चिकित्सा
स्वान्ते पेबो(स्वीडन )
जीनोम क्षेत्र में शोध के लिए
साहित्य
एनी एरनोक्स((फ़्रांस )
व्यवस्थाओं एवं सामूहिक प्रतिबंधो को उजागर करने हेतु
भौतिकी
जॉन ऍफ़ क्लोजर (अमेरिका ),एलेन एस्पेक्ट(फ़्रांस ),एंटोन जिलिंगर (आस्ट्रिया )
क्वांटम यांत्रिकी में फोटानों के साथ प्रयोग के लिए .
भारत के लिए यह गौरव की बात है कि भारतीय हिंदी भाषा की लेखिका गीतांजलि श्री को अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार 2022 से सम्मानित किया गया है।
उनको यह पुरस्कार उनके द्वारा हिंदी भाषा में रचित उपन्यास "रेत की समाधि" के लिए दिया गया है। इस उपन्यास का अंग्रेजी में अनुवाद डेज़ी रोक्वेल(diasy rockwel) ने "टॉम्ब ऑफ़ सेंड" (tomb of sand) नाम से किया है।
गीतांजलि श्री उत्तर प्रदेश की निवासी हैं जिन्होंने कई उपन्यास एवं लघु कथाएं की रचना की है उनके द्वारा रचित विधाओं का कई विदेशी भाषाओं में अनुवाद भी किया गया है।
क्या है अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार??
साहित्य के क्षेत्र में दिया जाने वाला प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार है । यह पुरस्कार अंग्रेजी में अनुवाद एवं ब्रिटेन या आयरलैंड में प्रकाशित किसी किताब के लिए प्रत्येक साल दिया जाता है।